क्या यही सत्य है। जीवन की आपाधापी में हम कहि सांस लेना नही भूल जाये। दौड़े चले जारहे है अंधी दौड़ में बेतहाशा
Abhinandan
Sunday, August 25, 2019
Saturday, April 20, 2019
सहजता
सोचते थे
कभी ऐसा इंसान मिलेगा
जो 'जैसा' दिखता हो
'वैसा' ही होगा
लेकिन
यह सोचते सोचते
स्वयम में अपने आप को
तलाशने लगा हु
शायद अपने इंसान को
कसौटी पे लगा रखा है
आज अल सुबह अंधियारे में
घण्टियों की आवाज़ के साथ
अनहोनी सी महसूस हुई
बगल के बाबा ने खुदकशी की थी
एक बार फिर सोच रहा हु
जो जैसा दिखता है
वैसा ही होता है क्या ?
-अविनाश जोशी
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