सम्भावनाये हकीकत होना चाहतीहै
लेकिन मौलिकता आड़े आती है
बस यही अंतर्द्वंद
जीवन की राह तय करता है
यह तड़फ कभी कभी
फफक में बदल जाती है
निजत्व का अहसास
सम्भावनाये नही छोड़ पाती
बस एक बार फिर
हमेशा की तरह
आशंका हकीकत में बदल जाती है
ओर फिर शुरू होता है
एक नया सफर
सम्भावनाओं को हकीकत में
तब्दील करने का
-अविनाश जोशी
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